रंग हैं छलका सा,तुम से मैं क्या कहू ?
आचल है ढलका सा,तुम से मैं क्या कहू ?
रिश्ता ये कैसा तुमसे,जुड़ने लगा हैं
मन मेरा तेरे मन में,रहने लगा हैं..
तुम से मैं क्या कहू ?
अनकही सी बात थी
हां तेरी ही तलाश थी,
जैसे कोई ख़ास हो..
होंठों पे मेरे राज़ थी
हाँ तेरी ही बात थी,
जैसे कोई बात हो..
आलम है साजिस का..तुम से मैं क्या कहू ?
मौसम है बारिस का...तुम से मैं क्या कहू ?
रिश्ता ये कैसे तुमसे जुड़ने लगा है
मन मेरा तेरे मन में रहने लगा हैं..
तुम से मैं क्या कहू ?

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