Pari Tales
Friday, 1 January 2016
तुम भी जा रहे हो अब
सच ही कहा है किसी ने ..
नहीं यहाँ किसी का ठिकाना
तुम भी जा रहे हो अब
करके नया एक बहाना...
चाहा उन्हें शामो शेहेर
भूल गए हम मुस्कुराना ..
तुम भी जा रहे हो अब
करके नया एक बहाना...
तुम भी जा रहे हो अब
करके नया एक बहाना...
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ख़ामोशी में वो बनके आवाज रहा करता हैं, मेरे आँखों मैं उसके ख्वाबों का, एक जहान बसा करता हैं.. तन्हाई में अक्सर, कोई मेरा नाम लिया करता...
तुम भी जा रहे हो अब
सच ही कहा है किसी ने .. नहीं यहाँ किसी का ठिकाना तुम भी जा रहे हो अब करके नया एक बहाना... चाहा उन्हें शामो शेहेर...
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