Pari Tales
Sunday, 31 January 2016
मेरा वक़्त..
Post :159*
खुदा की रेहमत होगी
बहुत वक़्त होगा तेरे पास
ढूंढ़ता फिरेगा निशा
सरे जहाँ ,सरे अस्मा पर .
वक़्त तब मेरे लहजे से चलेगा
जब मैं नहीं होउंगी
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